12 हजार की नौकरी, 24 लाख का मकान! अयोध्या चढ़ावा मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की संपत्ति जांच के घेरे में
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच हर दिन नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। अब जांच एजेंसियों की नजर केवल कथित गबन की रकम पर ही नहीं, बल्कि आरोपियों की संपत्तियों पर भी है। इसी कड़ी में गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा के परिवार के नाम पर बन रहे एक मकान ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
बताया जा रहा है कि करीब 12 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले लवकुश मिश्रा के परिवार के नाम पर लगभग 24 लाख रुपये कीमत का मकान निर्माणाधीन है। यही वजह है कि पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस संपत्ति के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन की जांच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आए दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं कथित गबन की रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या मकान बनाने में तो नहीं किया गया।
इसी जांच के दौरान अयोध्या के शहादतगंज-बबीरपुर इलाके में बन रहे एक दो मंजिला मकान की जानकारी सामने आई, जिसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
पत्नी के नाम दर्ज है जमीन
राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक यह जमीन 6 मार्च 2026 को लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम दर्ज हुई थी। करीब 1000 वर्गफुट क्षेत्र में बन रहा यह मकान लगभग तैयार होने की स्थिति में है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जमीन खरीदने और मकान बनाने के लिए पैसा कहां से आया और क्या इसका संबंध कथित गबन से है।
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि मकान का निर्माण पिछले कुछ महीनों से लगातार चल रहा था। उनके मुताबिक भूमि पूजन के बाद तेजी से निर्माण शुरू हुआ और परिवार के सदस्य अक्सर वहां आते-जाते दिखाई देते थे।
हालांकि स्थानीय लोगों ने यह भी साफ कहा कि वे यह नहीं जानते कि निर्माण में लगा पैसा किस स्रोत से आया। इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
कितनी बताई जा रही है मकान की कीमत?

इलाके के लोगों के अनुसार वहां जमीन का बाजार भाव करीब 2200 से 2300 रुपये प्रति वर्गफुट है। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि प्लॉट और निर्माणाधीन मकान की कुल कीमत लगभग 24 से 25 लाख रुपये हो सकती है।
हालांकि यह केवल स्थानीय अनुमान है।
वास्तविक कीमत और निवेश की पुष्टि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही होगी।
पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
जांच अधिकारी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटा रहे हैं।
आरोपी की वास्तविक आय कितनी थी?
- संपत्ति खरीदने के लिए पैसा कहां से आया?
- क्या कथित गबन की रकम का इस्तेमाल मकान निर्माण में हुआ?
- आरोपी और उसके परिवार के बैंक खातों में हाल के वर्षों में कितना लेनदेन हुआ?
- क्या अन्य संपत्तियां भी खरीदी गई हैं?
इन सभी पहलुओं की जांच दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और पूछताछ के जरिए की जा रही है।
मामला क्यों बन गया है चर्चा का विषय?
राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब संपत्ति की जांच शुरू होने के बाद इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है|
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिलता है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ आर्थिक अपराध से जुड़ी अन्य धाराओं में भी कार्रवाई हो सकती है।
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जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां सभी दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अभी तक किसी भी संपत्ति को अवैध घोषित नहीं किया गया है और न ही यह साबित हुआ है कि मकान निर्माण में कथित गबन की रकम का इस्तेमाल हुआ है।
ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
निष्कर्ष
अयोध्या चढ़ावा गबन मामले की जांच अब केवल नकदी तक सीमित नहीं रही, बल्कि आरोपियों की संपत्तियों तक पहुंच गई है। लवकुश मिश्रा के परिवार के नाम पर बन रहे मकान ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और रिपोर्ट इस मामले में कई और अहम खुलासे कर सकती है। फिलहाल सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
