यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वर्षों से 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का इंतजार कर रहे किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्राधिकरण ने पहले चरण में करीब 5,100 पात्र किसानों को 7% आबादी भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किसानों को आवंटन पत्र सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है।
यह फैसला उन किसानों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जिनकी जमीन विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई थी और जो लंबे समय से अपने अधिकार का इंतजार कर रहे थे।
आखिर क्या है 7 प्रतिशत आबादी भूखंड योजना?
उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों द्वारा जब किसी किसान की जमीन औद्योगिक, आवासीय या अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाती है, तब मुआवजे के अलावा प्रभावित किसान को विकसित क्षेत्र में 7 प्रतिशत आबादी भूखंड देने का प्रावधान भी किया जाता है।
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भूमि देने वाले किसानों को भविष्य में रहने, व्यवसाय करने या निवेश का एक स्थायी विकल्प मिल सके। हालांकि, कई इलाकों में यह प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रही, जिससे किसानों में असंतोष बना रहा।
पहले चरण में 5,100 किसानों को मिलेगा लाभ
YEIDA ने फिलहाल पहले चरण में लगभग 5,100 किसानों की सूची तैयार की है। इन सभी पात्र किसानों को जल्द ही आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, सरकार इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी कर रही है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं किसानों को आवंटन पत्र सौंप सकते हैं।
इस पहल से वर्षों से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पारदर्शी तरीके से पूरी होगी आवंटन प्रक्रिया
प्राधिकरण का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया गया है। पात्रता का निर्धारण भूमि अधिग्रहण रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर किया गया है, ताकि किसी भी तरह के विवाद या अनियमितता की संभावना कम हो।
इसके अलावा, किसानों को भूखंड आवंटन से जुड़ी जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जा रही है।
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जेवर एयरपोर्ट से बढ़ेगा भूखंडों का महत्व
YEIDA क्षेत्र इस समय उत्तर भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। यहां नोएडा अंतरराष्ट्रीय (जेवर) एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर और कई बड़े निवेश प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
ऐसे में जिन किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड मिलेंगे, उनके लिए यह केवल आवासीय सुविधा ही नहीं बल्कि भविष्य में बेहतर निवेश का अवसर भी साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन भूखंडों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।
वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद
किसान संगठन लंबे समय से 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों के शीघ्र आवंटन की मांग करते रहे हैं। कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से भी इस मुद्दे को उठाया गया। अब पहले चरण में हजारों किसानों को लाभ मिलने से बाकी पात्र किसानों को भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

किसानों के लिए क्या होगा फायदा?
- विकसित क्षेत्र में आवासीय भूखंड का अधिकार मिलेगा।
- भविष्य में संपत्ति के मूल्य बढ़ने का लाभ मिल सकता है।
- परिवार के लिए स्थायी आवास या व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा।
- विकास परियोजनाओं से जुड़कर आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना बढ़ेगी।
सरकार की मंशा क्या है?
प्रदेश सरकार का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उनका वैधानिक अधिकार समय पर उपलब्ध कराना और विकास परियोजनाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि किसानों को समय पर लाभ मिलने से विकास कार्यों में भी तेजी आएगी और प्राधिकरणों पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
एक नजर में पूरी खबर
- पहले चरण में 5,100 किसानों को मिलेगा 7% आबादी भूखंड।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों आवंटन पत्र वितरण की तैयारी।
- लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम।
- पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पात्र किसानों का चयन।
- जेवर एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं से भूखंडों की उपयोगिता बढ़ने की संभावना।
नोट: आवंटन की अंतिम तिथि और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा YEIDA द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार होगी। पात्र किसानों को प्राधिकरण की ओर से अलग से सूचना भी दी जाएगी।
