महिलाओं से जुड़े मामलों का जल्द और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजिता कुमारी ने शुक्रवार को सीतापुर में जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद और अन्य महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतें आयोग के सामने रखीं।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी ली गई, जबकि लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए पुलिस और प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
महिलाओं ने खुलकर रखीं अपनी शिकायतें
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। कई शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं, जिनमें पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और संपत्ति से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़े- सीतापुर में बारिश बनी आफत! 600 गांवों की बिजली घंटों गुल, उमस और पानी की किल्लत से लोग परेशान
अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए। जिन मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता थी, उनमें संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही रिपोर्ट मांगी गई।
साथ ही यह भी कहा गया कि पीड़ित महिलाओं को कानून के तहत उपलब्ध सभी अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
यह भी पढ़े- सीतापुर में बंद बैटरी की दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख, समय रहते टला बड़ा हादसा
महिला सुरक्षा और योजनाओं की भी हुई समीक्षा
जनसुनवाई के साथ महिला सुरक्षा और महिला कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके।
जनसुनवाई क्यों होती है?
राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं सीधे आयोग के सामने रख सकें। इससे शिकायतों का तेजी से निस्तारण होता है और संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जनसुनवाई महिलाओं का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करती है और उन्हें न्याय पाने की प्रक्रिया को आसान बनाती है।

महिलाओं से की गई अपील
राज्य महिला आयोग ने महिलाओं से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न या अन्य किसी महिला संबंधी समस्या का सामना कर रही हैं, तो बिना डर के संबंधित विभाग या महिला आयोग से संपर्क करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से मामलों का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
निष्कर्ष
सीतापुर में आयोजित यह जनसुनवाई महिलाओं की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। आयोग की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद उम्मीद है कि लंबित मामलों में तेजी आएगी और पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सकेगा। प्रशासन की जिम्मेदारी अब इन निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू करने की होगी, ताकि महिलाओं का भरोसा न्याय व्यवस्था पर और मजबूत हो सके।