सीतापुर में बारिश बनी आफत! 600 गांवों की बिजली घंटों गुल, उमस और पानी की किल्लत से लोग परेशान

सीतापुर। मानसून की तेज बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। लगातार हुई बारिश के बाद कई जगह बिजली के पोल गिर गए, तार टूट गए और तकनीकी खराबियां आने से करीब 600 गांवों की बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रही। बिजली न होने से ग्रामीण इलाकों में लोगों को उमस, पेयजल संकट और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बिजली विभाग की टीमें दिनभर फॉल्ट ठीक करने में जुटी रहीं, लेकिन कई क्षेत्रों में देर शाम तक भी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।


बारिश के बाद एक साथ कई जगह आया फॉल्ट

बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले के अलग-अलग इलाकों में बिजली नेटवर्क को नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए, लाइनें टूट गईं और जंपर उड़ने से सप्लाई बाधित हो गई। इससे ग्रामीण फीडरों पर निर्भर सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए।

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इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति

बारिश का सबसे अधिक असर जिले के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला।

  • रेउसा क्षेत्र में तीन स्थानों पर बिजली के पोल गिरने से लगभग 80 गांवों की बिजली कई घंटों तक बंद रही।
  • रामपुर मथुरा क्षेत्र में पोल और लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 200 गांव प्रभावित हुए।
  • तंबौर क्षेत्र में इनकमिंग लाइन और ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से लगभग 120 गांवों में चार घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रही।
  • पिसावां क्षेत्र में बिजली के तार जलने से करीब 100 गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई।

इन सभी स्थानों पर बिजली विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में लगी रहीं।


उमस और पानी की समस्या ने बढ़ाई मुश्किल

बारिश रुकने के बाद मौसम में उमस बढ़ गई। बिजली कटौती के कारण घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। कई गांवों में बिजली से चलने वाली पानी की मोटरें भी बंद रहीं, जिससे लोगों को पेयजल की दिक्कत झेलनी पड़ी। छोटे दुकानदारों और ग्रामीण कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा।

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लोगों ने जताई नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि मानसून शुरू होते ही बिजली व्यवस्था बार-बार जवाब दे रही है। हल्की बारिश में भी घंटों बिजली गुल हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, किसानों के काम और घरेलू जीवन पर सीधा असर पड़ता है। लोगों ने बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है।


बिजली विभाग ने क्या कहा?

बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर तकनीकी फॉल्ट आए हैं। सभी शिकायतों पर टीमें तुरंत भेजी गई हैं और चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य सप्लाई शुरू हो जाए।

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मानसून में क्यों बढ़ जाती हैं ऐसी समस्याएं?

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश और तेज हवाओं के दौरान पुराने बिजली के खंभे, ढीले तार और पेड़ों की शाखाएं बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचाती हैं। समय पर रखरखाव और नेटवर्क को मजबूत बनाने से ऐसी घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।


बारिश के मौसम में रखें ये सावधानियां

  • टूटे हुए बिजली तार या गिरे हुए पोल के पास बिल्कुल न जाएं।
  • किसी भी फॉल्ट की जानकारी तुरंत बिजली विभाग को दें।
  • बिजली आने-जाने के दौरान संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखें।
  • मोबाइल और जरूरी उपकरण पहले से चार्ज रखें ताकि आपात स्थिति में परेशानी न हो।

निष्कर्ष

सीतापुर में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। करीब 600 गांवों में घंटों बिजली बाधित रहने से हजारों ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों को उम्मीद है कि मानसून के दौरान ऐसी समस्याओं से बचने के लिए बिजली विभाग स्थायी और मजबूत इंतजाम करेगा, ताकि बारिश के साथ अंधेरे का संकट दोबारा न झेलना पड़े।

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