Baahubali 2: The Conclusion: भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो रिलीज होने के बाद सिर्फ हिट नहीं रहतीं, बल्कि एक मिसाल बन जाती हैं। ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूज़न’ भी ऐसी ही फिल्म है। एस.एस. राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने साल 2017 में सिनेमाघरों में दस्तक दी थी और देखते ही देखते देशभर में चर्चा का विषय बन गई।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसका भव्य एक्शन या बड़े-बड़े सेट नहीं थे। असली बात यह थी कि दर्शक दो साल से जिस सवाल का जवाब जानना चाहते थे, फिल्म ने आखिरकार उसका जवाब दे दिया—“कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?”
यही सवाल फिल्म की रिलीज से पहले इसकी सबसे बड़ी ताकत बन गया था। इसके अलावा प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, राम्या कृष्णन और सत्यराज जैसे कलाकारों के अभिनय ने कहानी को और मजबूत बनाया।
आज भी जब भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार और प्रभावशाली फिल्मों की बात होती है, तो बाहुबली 2 का नाम जरूर आता है।
कब रिलीज हुई थी बाहुबली 2?
‘बाहुबली 2: द कन्क्लूज़न’ 28 अप्रैल 2017 को रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था और कहानी के लेखक के तौर पर के.वी. विजयेंद्र प्रसाद और एस.एस. राजामौली का नाम जुड़ा है। फिल्म का निर्माण शोबू यार्लागड्डा और प्रसाद देवीनेनी समेत निर्माताओं की टीम ने किया था।
फिल्म की लंबाई करीब 167 मिनट यानी 2 घंटे 47 मिनट है। इसे एक्शन, ड्रामा और फैंटेसी के मिश्रण के रूप में पेश किया गया था।
फिल्म को तेलुगु और तमिल के साथ हिंदी, कन्नड़ और मलयालम में भी रिलीज किया गया, जिससे इसकी पहुंच काफी व्यापक हो गई।
बाहुबली 2 की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी पहली बाहुबली के क्लाइमैक्स से आगे शुरू होती है। पहली फिल्म के अंत में दर्शकों के सामने एक ऐसा सवाल छोड़ा गया था, जिसने पूरे देश में चर्चा पैदा कर दी थी।
कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?
बाहुबली 2 इस सवाल का जवाब देने के साथ-साथ अमरेंद्र बाहुबली की पूरी कहानी सामने रखती है।
अमरेंद्र बाहुबली माहिष्मती साम्राज्य का बेहद योग्य और लोकप्रिय योद्धा है। उसके अंदर एक अच्छे राजा की खूबियां दिखाई देती हैं। वह सिर्फ सत्ता हासिल करने के बारे में नहीं सोचता, बल्कि आम लोगों की जिंदगी और उनकी परेशानियों को भी समझता है।
दूसरी तरफ भल्लालदेव सत्ता का भूखा है। वह माहिष्मती की गद्दी पर बैठना चाहता है और बाहुबली की लोकप्रियता उसके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन जाती है।
कहानी में देवसेना की एंट्री के बाद रिश्तों का समीकरण और जटिल हो जाता है। बाहुबली और देवसेना के बीच प्यार बढ़ता है, लेकिन यही रिश्ता राजपरिवार में कई नए विवादों को जन्म देता है।
इसके बाद कहानी धीरे-धीरे षड्यंत्र, सत्ता और विश्वासघात की तरफ बढ़ती है।
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अमरेंद्र बाहुबली और देवसेना की प्रेम कहानी
फिल्म में एक्शन और युद्ध के बीच अमरेंद्र बाहुबली और देवसेना की कहानी भी काफी महत्वपूर्ण है।
देवसेना अपने आत्मसम्मान और स्पष्ट सोच के लिए जानी जाती है। बाहुबली को देवसेना की यही बात पसंद आती है। दोनों के बीच रिश्ता बनता है, लेकिन राजमहल की राजनीति इस रिश्ते को आसान नहीं रहने देती।
यहीं से फिल्म में परिवार और सत्ता के बीच संघर्ष शुरू होता है।
अमरेंद्र बाहुबली लोगों के दिलों में अपनी जगह बना चुका होता है, जबकि भल्लालदेव को लगता है कि अगर बाहुबली को रास्ते से हटा दिया जाए तो माहिष्मती की गद्दी उसके लिए आसान हो जाएगी।
फिल्म की कहानी इसी संघर्ष को धीरे-धीरे बड़े टकराव में बदल देती है।
आखिर कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?
यह फिल्म का सबसे बड़ा सवाल और सबसे बड़ा स्पॉइलर भी है।
अमरेंद्र बाहुबली के प्रति कटप्पा बेहद वफादार होता है। इसके बावजूद परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि कटप्पा को अपने ही प्रिय बाहुबली के खिलाफ तलवार उठानी पड़ती है।
भल्लालदेव और उसके परिवार की सत्ता की महत्वाकांक्षा तथा राजमहल की राजनीतिक चालों के बीच बाहुबली को कमजोर करने की योजना बनाई जाती है।
कटप्पा का फैसला व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम नहीं था। वह राजपरिवार के आदेश और अपनी शपथ के बीच फंस जाता है।
यही वजह है कि फिल्म इस सवाल को केवल एक ट्विस्ट की तरह इस्तेमाल नहीं करती, बल्कि इसे पूरी कहानी की भावनात्मक नींव बना देती है।
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महेंद्र बाहुबली की कहानी
फिल्म का दूसरा बड़ा हिस्सा महेंद्र बाहुबली पर केंद्रित है।
महेंद्र को जब अपनी असली पहचान और अपने पिता के साथ हुए अन्याय के बारे में पता चलता है, तो उसके सामने सिर्फ अपने परिवार का बदला लेने का सवाल नहीं रहता। अब उसके सामने माहिष्मती के भविष्य का सवाल भी होता है।
वह भल्लालदेव के खिलाफ खड़ा होता है और अपनी मां देवसेना को वर्षों से मिले अपमान और अन्याय का जवाब देने का फैसला करता है।
यहीं से फिल्म का क्लाइमैक्स तैयार होता है और कहानी एक बड़े युद्ध तक पहुंचती है।
बाहुबली 2 की स्टार कास्ट
फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आए थे।
- प्रभास — अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली
- राणा दग्गुबाती — भल्लालदेव
- अनुष्का शेट्टी — देवसेना
- तमन्ना भाटिया — अवंतिका
- राम्या कृष्णन — शिवगामी
- सत्यराज — कटप्पा
- नासर — बिज्जलदेव
इन किरदारों ने फिल्म की कहानी को सिर्फ एक्शन फिल्म बनने से रोका और इसे परिवार, रिश्तों तथा सत्ता की कहानी भी बनाया।
प्रभास के लिए क्यों खास थी बाहुबली 2?
बाहुबली फ्रेंचाइजी ने प्रभास को पूरे देश में पहचान दिलाई। अमरेंद्र और महेंद्र बाहुबली के किरदारों में उन्होंने अलग-अलग भावनाओं को दिखाने की कोशिश की।
एक तरफ अमरेंद्र बाहुबली शांत, जिम्मेदार और लोगों से जुड़ा हुआ दिखाई देता है। दूसरी तरफ महेंद्र बाहुबली में बदले और न्याय की भावना ज्यादा मजबूत दिखाई देती है।
दोनों किरदारों के बीच अंतर को पर्दे पर दिखाना फिल्म की अहम उपलब्धियों में से एक रहा।
राणा दग्गुबाती का भल्लालदेव भी रहा यादगार
फिल्म में प्रभास के सामने राणा दग्गुबाती का किरदार था।
भल्लालदेव सिर्फ एक सामान्य विलेन नहीं है। उसके किरदार की सबसे बड़ी ताकत उसकी सत्ता की भूख है। वह खुद को माहिष्मती का सबसे योग्य शासक मानता है और बाहुबली को अपने रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट समझता है।
राणा ने इस किरदार को जिस तरह निभाया, उसकी वजह से भल्लालदेव फिल्म के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हो गया।
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कितना था बाहुबली 2 का बजट?
बाहुबली 2 के बजट को लेकर अलग-अलग स्रोतों में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं।
Box Office India ने फिल्म का बजट करीब ₹195 करोड़ बताया है, जबकि IMDb पर अनुमानित बजट ₹250 करोड़ दर्ज है। इसलिए किसी एक आंकड़े को अंतिम मानने के बजाय यह कहना ज्यादा सही है कि फिल्म का बजट करीब ₹200-250 करोड़ के बीच बताया जाता है।
उस समय के हिसाब से यह भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल थी।
फिल्म के विशाल सेट, युद्ध के दृश्य, VFX और लंबे प्रोडक्शन शेड्यूल की वजह से इसका पैमाना काफी बड़ा था।
बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा प्रदर्शन?
यहां बाहुबली 2 ने इतिहास रच दिया।
Box Office India के अनुसार फिल्म ने भारत में करीब ₹510.56 करोड़ नेट और करीब ₹708.99 करोड़ ग्रॉस कमाए। इसी स्रोत के अनुसार विदेशों से करीब 1.436 करोड़ डॉलर का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज हुआ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस करीब ₹801.61 करोड़ रहा।
वहीं अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस डेटाबेस में दुनिया भर की कमाई के आंकड़े अलग तरीके से दर्ज किए गए हैं। Box Office Mojo फिल्म का worldwide gross $254.16 million बताता है।
इस अंतर की एक वजह अलग-अलग स्रोतों द्वारा भारतीय और विदेशी बाजारों की कमाई को अलग तरीके से गिनना हो सकती है। इसलिए बाहुबली 2 की कमाई बताते समय स्रोत का नाम देना बेहतर रहता है।
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पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया था तहलका
फिल्म ने रिलीज के पहले दिन से ही शानदार शुरुआत की थी।
Bollywood Hungama के अनुसार फिल्म का भारत में ओपनिंग डे कलेक्शन करीब ₹41 करोड़ रहा। पहले वीकेंड के अंत तक फिल्म ने करीब ₹128 करोड़ और पहले सप्ताह में लगभग ₹247 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था।
यह प्रदर्शन उस समय के लिए बेहद बड़ा माना गया था।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि रिलीज के बाद भी दर्शकों की दिलचस्पी कम नहीं हुई और कई हफ्तों तक सिनेमाघरों में इसका असर दिखाई दिया।
दुनिया भर में क्यों पसंद की गई बाहुबली 2?
बाहुबली 2 सिर्फ भारत तक सीमित फिल्म नहीं रही।
फिल्म ने अमेरिका, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य विदेशी बाजारों में भी कारोबार किया। Box Office Mojo के आंकड़ों के अनुसार फिल्म का worldwide gross $254,158,390 रहा।
फिल्म की भाषा अलग होने के बावजूद इसकी कहानी को व्यापक दर्शक वर्ग समझ सका। यही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी।
एक राजकुमार, एक साम्राज्य, परिवार की राजनीति, प्रेम और बदले की कहानी किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत क्या थी?
अगर बाहुबली 2 की एक खासियत चुननी हो, तो वह सिर्फ VFX या एक्शन नहीं बल्कि कहानी और भव्यता का संतुलन कहा जा सकता है।
फिल्म में बड़े युद्ध हैं, लेकिन उनके पीछे किरदारों की अपनी भावनाएं भी हैं।
देवसेना का आत्मसम्मान, शिवगामी का राजधर्म और मातृत्व, बाहुबली की जिम्मेदारी, भल्लालदेव की महत्वाकांक्षा और कटप्पा की वफादारी—इन सभी चीजों को एक ही कहानी में जोड़ा गया।
यही वजह है कि फिल्म के कई दृश्य आज भी दर्शकों को याद हैं।
बाहुबली 2 के एक्शन और VFX
फिल्म की दुनिया को बड़ा बनाने में VFX और प्रोडक्शन डिजाइन की अहम भूमिका रही।
विशाल युद्ध के मैदान, महल, सेनाएं और कई एक्शन सीक्वेंस उस समय भारतीय दर्शकों के लिए काफी नया अनुभव थे।
फिल्म की तकनीकी टीम ने कहानी के काल्पनिक साम्राज्य को एक वास्तविक दुनिया जैसा दिखाने की कोशिश की। यही कारण है कि बाहुबली 2 को भारतीय सिनेमा में बड़े पैमाने के विजुअल एक्सपीरियंस के लिए एक महत्वपूर्ण फिल्म माना जाता है।
फिल्म को मिले पुरस्कार
फिल्म को दर्शकों की सफलता के साथ-साथ पुरस्कारों में भी पहचान मिली।
बाहुबली 2 ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी जगह बनाई और फिल्म के तकनीकी काम की काफी चर्चा हुई। इसके निर्देशन, एक्शन, विजुअल इफेक्ट्स और कलाकारों के प्रदर्शन को व्यापक स्तर पर सराहा गया।
फिल्म को मिले सम्मान इस बात का संकेत थे कि बड़े पैमाने की कमर्शियल फिल्म भी तकनीकी और सिनेमाई स्तर पर गंभीर पहचान हासिल कर सकती है।
क्या आज भी बाहुबली 2 देखनी चाहिए?
अगर आपने अभी तक बाहुबली फ्रेंचाइजी नहीं देखी है, तो इसे पहली फिल्म से शुरू करना बेहतर रहेगा।
पहली फिल्म ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ कहानी की नींव तैयार करती है, जबकि दूसरी फिल्म उस कहानी के लगभग सभी बड़े सवालों का जवाब देती है।
खासकर अगर आपको बड़े एक्शन, पारिवारिक ड्रामा, राजमहल की राजनीति और इमोशनल कहानी पसंद है, तो बाहुबली 2 आज भी देखने लायक फिल्म है।
बाहुबली 2 की विरासत
बाहुबली 2 की सफलता का असर सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहा।
इस फिल्म ने यह दिखाया कि दक्षिण भारतीय सिनेमा की कोई फिल्म पूरे भारत में बड़े स्तर पर दर्शकों को आकर्षित कर सकती है। इसके बाद पैन-इंडिया फिल्मों के बाजार को लेकर निर्माताओं की सोच में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला।
बड़े बजट की भारतीय फिल्मों के लिए हिंदी डबिंग, मल्टी-लैंग्वेज रिलीज और देशभर में प्रमोशन को पहले से ज्यादा महत्व मिलने लगा।
आज भारतीय सिनेमा की पैन-इंडिया सफलता की चर्चा होती है तो बाहुबली फ्रेंचाइजी को उसके शुरुआती बड़े उदाहरणों में गिना जाता है। हाल के वर्षों में RRR, Pushpa और दूसरी फिल्मों की राष्ट्रीय लोकप्रियता ने इस बाजार को और मजबूत किया है।

निष्कर्ष: सिर्फ फिल्म नहीं, एक सिनेमाई अनुभव थी बाहुबली 2
‘बाहुबली 2: द कन्क्लूज़न’ को सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म कह देना शायद इसके प्रभाव को छोटा कर देना होगा।
फिल्म ने एक ऐसी कहानी पेश की, जिसमें राजमहल की राजनीति से लेकर परिवार की भावनाओं तक सब कुछ बड़े पर्दे पर देखने को मिला। प्रभास और राणा दग्गुबाती की टक्कर, अनुष्का शेट्टी का मजबूत किरदार, राम्या कृष्णन की शिवगामी और सत्यराज का कटप्पा आज भी दर्शकों की यादों में हैं।
सबसे खास बात यह रही कि फिल्म ने दर्शकों को एक ऐसा सवाल दिया जिसका जवाब जानने के लिए लोग करीब दो साल तक इंतजार करते रहे—कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?
जब इसका जवाब मिला, तो फिल्म ने सिर्फ उस सवाल को खत्म नहीं किया, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपना एक अलग अध्याय भी लिख दिया।
रिलीज डेट: 28 अप्रैल 2017
निर्देशक: एस.एस. राजामौली
मुख्य कलाकार: प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन, सत्यराज
रनटाइम: 167 मिनट
शैली: एक्शन, ड्रामा, फैंटेसी
भारत नेट कलेक्शन: करीब ₹510.56 करोड़ (Box Office India)
भारत ग्रॉस: करीब ₹708.99 करोड़
वर्ल्डवाइड: स्रोत के अनुसार आंकड़ों में अंतर; Box Office Mojo पर $254.16 मिलियन
बजट: स्रोत के अनुसार करीब ₹195-250 करोड़ का अनुमान