JEE Advanced 2026 के रिजल्ट में इस बार महिला उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल इस परीक्षा में 10,107 छात्राएं क्वालिफाई हुई हैं। खास बात यह है कि महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट 23.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले छह वर्षों में सबसे ज्यादा है।
इस साल का आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार JEE Advanced में क्वालिफाई करने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या 10 हजार के पार पहुंची है। इससे इंजीनियरिंग की पढ़ाई में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत मिलता है।
43 हजार से ज्यादा छात्राओं ने कराया था रजिस्ट्रेशन
JEE Advanced 2026 के लिए कुल 43,112 महिला उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 40,562 छात्राएं दोनों पेपर में शामिल हुईं। रिजल्ट में 10,107 महिला उम्मीदवारों ने क्वालिफाइंग स्टैंडर्ड हासिल किया।
यानी इस साल परीक्षा में शामिल होने वाली करीब हर चार महिला उम्मीदवारों में से एक छात्रा क्वालिफाई करने में सफल रही।
छह साल में सबसे ज्यादा रहा क्वालिफिकेशन रेट
महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में इस साल उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। 2025 में महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट 21.7 प्रतिशत था, जो 2026 में बढ़कर 23.4 प्रतिशत हो गया।
इस तरह एक साल में महिलाओं के क्वालिफिकेशन रेट में 1.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। छह साल के आंकड़ों को देखें तो 2026 का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।
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कुल सफल उम्मीदवारों में करीब 18 फीसदी महिलाएं
JEE Advanced 2026 में दोनों पेपर देने वाले कुल 1,79,694 उम्मीदवारों में से 56,880 उम्मीदवार क्वालिफाई हुए।
इन सफल उम्मीदवारों में 10,107 महिलाएं हैं। यानी कुल क्वालिफाई उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत रही।
यह आंकड़ा बताता है कि परीक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, हालांकि कुल संख्या के मामले में अभी भी पुरुष उम्मीदवारों की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है।
IIT में भी बढ़ी छात्राओं की भागीदारी
JEE Advanced में क्वालिफाई करने के बाद छात्रों के लिए अगला बड़ा कदम JoSAA काउंसलिंग के जरिए IIT में सीट हासिल करना होता है। 2026 के सीट आवंटन में भी महिला उम्मीदवारों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।
कुल 18,861 सीटों के आवंटन में 3,814 महिला उम्मीदवारों को सीट मिली। इनमें ज्यादातर सीटें महिलाओं के लिए उपलब्ध सुपरन्यूमेरेरी सीटों के माध्यम से मिलीं।
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सुपरन्यूमेरेरी सीटों ने बढ़ाया महिलाओं का प्रतिनिधित्व
IIT में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए Supernumerary Seats Scheme शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य IIT की कक्षाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना था।
इस व्यवस्था के तहत महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराई गईं, जिससे सामान्य सीटों की संख्या को कम किए बिना IIT में महिला छात्रों की संख्या बढ़ाने में मदद मिली।
पिछले कुछ वर्षों में इस नीति का असर IIT में महिला छात्रों के प्रतिनिधित्व पर साफ दिखाई दिया है।
महिला उम्मीदवार की टॉप रैंक भी चर्चा में
JEE Advanced 2026 में आरोही देशपांडे सबसे बेहतर रैंक हासिल करने वाली महिला उम्मीदवार रहीं। उन्होंने 360 में से 280 अंक हासिल किए और कॉमन रैंक लिस्ट में AIR 77 प्राप्त की।
वहीं, ओवरऑल रैंकिंग में शुभम कुमार ने 330 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।
JEE Advanced 2026 क्वालिफाई करने के बाद क्या?
JEE Advanced क्वालिफाई करना IIT में प्रवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे सीधे IIT में सीट पक्की नहीं होती।
क्वालिफाई उम्मीदवारों को इसके बाद JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता है। यहां उम्मीदवार की रैंक, कैटेगरी, पसंदीदा IIT, चुनी गई ब्रांच और उपलब्ध सीटों के आधार पर सीट आवंटित की जाती है।
2026 में क्वालिफाई करने वाले 56,880 उम्मीदवारों में से 52,559 उम्मीदवारों ने JoSAA काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन कर चॉइस भरी।
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2026 का आंकड़ा क्यों है खास?
JEE Advanced 2026 के आंकड़े सिर्फ एक परीक्षा के रिजल्ट तक सीमित नहीं हैं। पहली बार 10 हजार से ज्यादा महिला उम्मीदवारों का क्वालिफाई करना इंजीनियरिंग शिक्षा में बदलती तस्वीर की ओर इशारा करता है।
महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भी एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि IIT में महिला छात्रों की हिस्सेदारी को और बढ़ाने की गुंजाइश अभी बनी हुई है।

निष्कर्ष
JEE Advanced 2026 में छात्राओं का प्रदर्शन इस साल की सबसे अहम उपलब्धियों में से एक रहा। 10,107 महिला उम्मीदवारों का क्वालिफाई करना और 23.4 प्रतिशत क्वालिफिकेशन रेट यह दिखाता है कि देश की कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में छात्राएं लगातार मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
आने वाले वर्षों में अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो IIT में महिला इंजीनियरों की संख्या और बढ़ सकती है।